अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग ही नहीं सोलर पैनल लगवाना हुआ अनिवार्य

Posted on 06/01/2019


अब पानी की बचत के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ही नहीं बल्कि बिजली बचाने के लिए सोलर पैनल भी लगवाना होगा। 500 वर्गमीटर से बड़े भवनों में यह व्यवस्था करनी होगी। सौर ऊर्जा बढ़ाए जाने के लिए यह पहल की गई है। भवन मालिक सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर विद्युत विभाग को बेच भी सकेंगे। जिले में वर्तमान में तालानगरी व सारसौल क्षेत्र में दो बड़े निजी सोलर पैनल हैं।

सरकार बिजली की कमी की समस्या का निदान सौर ऊर्जा से करने जा रही है। इसके तहत सरकारी, अर्द्धसरकारी विभाग व निजी भवनों को अपनी छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ सौर ऊर्जा पैनल भी लगवाना होगा। ऐसा होने से विद्युत की जहां बचत होगी। वहीं सौर ऊर्जा का उत्पादन करना पर्यावरण के भी हित में होगा। शासन के निर्देश के बाद अब एडीए से 500 वर्गमीटर से अधिक का नक्शा पास कराने पर भवन मालिक को सोलर पैनल भी लगवाना होगा।

एएमयू में लगे हैं दो सोलर पावर प्लांट

एएमयू में दो सोलर पावर प्लांट लगे हैं। जिनकी कुल क्षमता 4.5 मेगावाट है। 3 मेगावाट का एक प्लांट राइडिंग क्लब फील्ड के पास लगा है वहीं दूसरा प्लांट यूनिवर्सिटी की 16 भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगा कर संचालित किया जा रहा है। किसी भी शिक्षण संस्थान में सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट है। एएमयू में इसके लिए ग्रीन यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट समिति है। संयोजक डॉ. मोहम्मद रेहान बताते हैं कि औसतन रोजाना 20,000 यूनिट का उत्पादन होता है। इससे बिजली की बचत और साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी हो रहा है। इतनी बिजली के उत्पादन का मतलब है कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन में प्रतिदिन 17,000 किलोग्राम की कमी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तो लगे नहीं सोलर पैनल क्या लगेंगे

शासन स्तर से बेशक आदेश जारी कर दिया गया हो, लेकिन हकीकत यह है कि अब जिले में 300 वर्गमीटर व उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट तो लग नहीं पाए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या सौलर पैनल लग पाएंगे।

एशिया का सबसे बड़ा सोलर पैनल भी था कभी अलीगढ़ की पहचान

अतरौली के गांव कल्याणपुर खेड़ा में लगा विशाल सोलर प्लांट नीलाम हो चुका है। नेडा (नेशनल इकॉनोमिक्स एंड डेवलपमेंट एजेंसी) ने बीते दिनों 21 लाख रुपये में इसकी नीलामी सोनीपत (हरियाणा) की एक कंपनी के नाम की थी।

राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह जब यूपी के मुख्यमंत्री थे। तब वर्ष 1997 में गांव कल्याणपुर खेड़ा में करीब सवा करोड़ की लागत से उस समय एशिया का सबसे बड़ा बताया गया सोलर प्लांट लगवाया गया था। इस प्लांट से करीब 15 नलकूप चलते थे। इसक साथ ही गांवों में रात को लाइट और घरों में पानी की सप्लाई होती थी। गांव कल्याणपुर भागीरथपुर, खेड़ा, डडार अलूपुरा, सिंधौली, नगला बंजारा, धुर्रा प्रेमनगर, गहतोली निर्मल आदि गांव तक जगमग होते थे। सरकार जाने के बाद इस प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया गया।

500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल के भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ सोलर पावर पैनल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना नक्शा पास नहीं होगा।


Get Quick Enquiry

Please fill your details we will get in touch with you shortly!

All field are mandatory

latest Project

Windsor CourtREAD MORE


Wellington EstateREAD MORE


Vipul AgoraREAD MORE


Vipul AgoraREAD MORE


Valley View Estate READ MORE


Advertise